.प्रकल्प
अहवाल २०१६-१७
विभागाचे नाव :- शेती व
पशुपालन
प्रोजेक्टचे
नाव :- बंदिस्त शेळीपालन
विद्यार्थ्याचे
नाव :- कचरे स्वामी जाणू
मार्गदर्शकाचे
नाव :- दादासो सर
प्रोजेक्ट
सुरु करण्याची तारीख :-१-१०-२०१६
प्रोजेक्ट
संपण्याची तारीख :- ३०-१०-२०१६
वर्गशिक्षक प्राचार्य
अनुक्रमणिका
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अ. क्र.
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तपशील
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१
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प्रस्तावना
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२
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उद्देश
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३
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साहित्य व
साधने
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४
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पूर्वनियोजन
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५
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कृती
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६
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महत्व
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७
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अंदाज पत्रक /
प्रत्येक्ष खर्च
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८
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निरीक्षण
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९
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अनुमान
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१०
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अडचणी
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|
११
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सूचना
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१२
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नोंदी
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१३
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फोटो
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प्रस्तावना
आपल्या देशात ग्रामीण भागामध्ये शेळीपालन हा एक महत्वाचा व्यवसाय आहे. लहान
प्रमाणात व्यवसाय करणाऱ्या धनगरा पासुन ते मोठ्या व्यावसायिक शेतकरी पासुन
सर्वानाच हा व्यवसाय फायदेशीर ठरू शकतो. राज्य शासनाच्या समाज कल्याण खात्यातर्फे स्वयंरोजगार
योजनेचा माध्यामातून तसेच शासनाच्या ग्रामीण विकास विभागाचा विविध योजनांमधून कमी
उत्पादन गटातील लोकांना विशेषतः महिलांना शेळी पालनाचा व्यवसाय उत्तेजन तेण्याच्या
दृष्टीने शेळ्यांचे वाटप के जाते. अशा लाभार्थींना प्रथम व्यवसाय पुरव प्रथमिक
परीक्षण दिले जाते. लाभार्थीला वाचनाची मुलभूत कैशल्य प्राप्त झालेले असेल तर
प्रत्येक परीक्षण घेतल्या नंतर त्याला शेळीपालन व्यवसाया साठी उपयोगी माहिती सहज
उपलब्ध व्हावी या हेतूने बंदिस्त शेळीपालन याची माहिती प्रस्तावना मध्ये आहे.
बंदिस्त शेळी व्याव्स्तापन हे आजच्या युगात चांगले आहे. जर बंदिस्त शेळी
व्याव्स्तापन हे महत्वाचे आहे. कारण बंदिस्त शेळी पालन असल्यामुळे निसर्गात नवीन
उग्णारी झाडे झुडपे शेळ्या खातात व त्यामुळे पर्यावरणाचे नुकसान होते. शेळ्या
बाहेर सोडल्या मुळे लेंड्या हि वाया जातात.
उद्देश
बंदिस्त शेळी पालन करणे व शेळीपालानातून चांगले उत्पन घेणे व विविध जातींचा
अभ्यास करणे.
साहित्य व साधने
खराटा, पोते, खुरपे, पाटी, बकेट,
घमेले, शेळ्यांसाठी शेड, खुराक, चारा, पाणी इ.
पूर्व नियोजन
प्रथम मी शेळ्यांचा जातींची माहिती
घेतली व महाराष्ट्रात कोणत्या शेळीला जास्त मागणी आहे. ते पहिले व मार्केटिंग
आपल्या गावापासून किती अंतरावर आहे याची माहिती घेतली. व कोणती शेळी दुधाला व
मावसासाठी जास्त उपयोगी आहे याची खात्री केली व आम्ही सानेन व उस्मानाबादी या दोन शेल्यांची जात निवडली.
कृती
पहिल्यांदा दररोज सकाळी
शेळ्यांचा गोठा साफ करणे. साफ केल्यावर ज्या लेंड्या गोळा होतात त्या लेंड्यांचे
वजन करून त्या लेंड्या उकिरड्यावर टाकले. नंतर शेळ्यांचा पाणी पिण्याचा बकेट
स्वच्छ धुवून त्यात स्वच्छ पाणी भरून ठेवणे व कोणतीही शेळी माजावर आल्यावर लगेच
बोकड लावणे व सकाळ, दुपार, संध्याकाळ नियमित चार घालणे. त्यांना शेतातून मका आणून कुटी करून शेळ्यांना घालणे. व संध्याकाळी १ तास
शेळ्यांना बाहेर सोडणे. व कोनतीही शेळी आजारी पडली असल्यास सरांना सांगणे व
तिच्यावर लगेच उपचार करणे.
महत्व
ग्रामीण भागातील शेतीमधील
वाया जाणारे गावात व पाला पाचोळा खायला घालून शेली वाढीला येते. ग्रामीण भागात
भांधावर व पडीक जमिनीत शेळ्यांचे कळप चारावयास सोडू शकतो. शेळीला मोकळी चरण्यासाठी
सोडल्यामुळे नवीन उगवणारी झाडे, झुडपे शेळ्या खातात व त्यामुळे पर्यावरणाचे नुकसान
होते. शेळीला रानात चारावयास सोडल्यामुळे शेली दिवसभर चारत राहते व तिच्या तोंडाला
येईल तो चार खाते तिला भरपूर व सत्वयुक्त चार न मिल्यास शेली पालन हा उत्पादनक्षम
व्यवसाय बाहेर सोडल्यामुळे कमी होतो. व शेळ्यांचा लेंड्याही वाया जातात. बाहेरील
दुषित पाणी गेल्यामुळे व मिळेल ते खाल्यामुळे रोग राईची भीती असते. बंदिस्त शेळी
पालनात व्यावसाईक दृष्टीकोनातून पुरेसा संखेने शेळ्या पाळता येतात. या मुळे
शेळीच्या लेंड्या खतासाठी आपणास मिळतात. व शेळीचे रोग नियंत्रण देखील वेळच्या वेळी
करता येते. हे बंदिस्त शेळी पालनाचे महत्व आहे.
अंदाज पत्रक
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अ .क्र.
|
साहित्याचे नाव
|
वजन
|
अंदाजे किमतं
|
|
१.
|
कडबा
|
१००kg
|
150रु.
|
|
2.
|
सुभाबुल
|
200kg
|
250रु.
|
|
३.
|
मका
|
200kg
|
260रु.
|
|
४.
|
तूर
|
100kg
|
800रु.
|
|
५.
|
खुराक
|
50kg
|
1000रु.
|
|
६.
|
औषधे
|
|
100रु.
|
एकून २५६०
प्रत्यक्ष खर्च
|
अ. क्र.
|
साहित्याचे
नाव
|
वजन
|
किंमत
|
|
१.
|
कडबा
|
९७.८१०gm
|
२४५रु.
|
|
2.
|
सुभाबुल
|
१६२.०५५gm
|
३२४रु.
|
|
३.
|
मका
|
३७९.९१५gm
|
५७०रु.
|
|
४.
|
तूर
|
७८.१३५gm
|
७८०रु.
|
|
५.
|
खुराक
|
५०kg
|
१,१००रु.
|
|
6.
|
औषधे
|
-
|
-
|
|
|
|
एकून
|
३,०१९
|
|
|
|
मजुरी
|
१,६२९
|
|
|
|
|
४,६४८
|
निरीक्षण
शेळ्यांचे योग्य प्रकारे व्यव्थापन केल्याने त्यांच्या
वजनात चांगली वाढ होऊ शकली. सकस आहारामुळे वजन वाढीस चांगली मदत होते.
अनुमान
शेळ्यांची गाभनपन काळात चांगली निगा ठेवली तर
करडे चांगल्या प्रतीची किव्हा चांगल्या वजनाची मिळतात. व खुराक वरील खर्च जास्त
आहे. त्या मुळे आपण अझोला व haydroponic मका व मका उकडून दिल्याने खुराका वरील
खर्च कमी होईल. शेळ्यांना वेळचा वेळी चार व पाणी दिल्यावर व शेळ्यांची चांगल्या
प्रकारे स्वच्छता ठेवल्यावर ते आजारी पडत नाही व वजनात वाढ होते.
अनुभव
दररोज वेळच्यावेळी चार व पाणी दिल्याने व गोठा
साफ केल्याने शेळ्यांच्या वजनात वाढ चांगल्या प्रकारे होते. व खुराक त्यांना रोज
अर्धा तास बाहेर सोडल्यामुळे त्यांची तबेत चांगली राहिली. व शेली आजारी पडली नाही.
अडचणी
कुटी मशीन बंद असल्यामुळे कुटी हाताने करावी
लागत. व पूस असल्यामुळे पाणी शेड मध्ये यायचे. व बंदिस्त शेलीपालनात अशी अडचण येते
कि त्यांना शेड बांधायला खूप पैसे लागतात. व शेळ्यांना फिरन्यास न सोडल्यामुळे
त्यांचा व्यायाम होय नाही. व सौसर्गजण्य रोग वाढतात. त्यामुळे त्यांना दिवसातून
किमान १ तास फिरायला सोडावे.
क्रोस ब्रीड
कोणत्याही दोन जातींचा संकर करून निर्माण
झालेल्या जातीला क्रोस ब्रीड म्हणतात.व आम्ही आश्रमामध्ये सानेन व उस्मानाबादी
क्रोस ब्रीड करतो
सूचना
बंदिस्त शेळी पालन करताना कोणतीही शेली माजावर
आली तर तिला लगेच बोकड लावावा. व कोणतीही शेळी आजारी पडली असता तीचावर लगेच उपचार
करावा व तुसरा ब्लॉक मध्ये ठेवावी.
शेळी पालनासाठी लागणारी
जागा
१.
शेळीसाठी १.५ चौ. मी.
२.
बोकडासाठी 2 चौ. मी.
३.
करडासाठी ०.५ चौ.मी.
शेळ्यांच्या जाती
भारतीय जाती विदेशी जाती
१. जमुनापुरी १.सानेन
२. बारबेरी 2.आफ्रिकन बोर
३. उस्मानाबादी
४. शिरीही
५.
संगमनेरी A ब्लॉग
|
साहित्याचे नाव
|
वजन kg
|
दर kg
|
किंमत रु
|
|
कडबा
|
२२.८
|
२.५
|
५७
|
|
सुबाभूळ
|
३५.३
|
२
|
७०
|
|
मका
|
४९.९
|
१.५
|
७४
|
|
तूर
|
२०.४
|
१०
|
२०४
|
|
खुराक
|
१२.४
|
२२
|
२७२
|
वाढलेले वजन :- ५kg
एका दिवसात वाढलेले वजन
:-१६६gm
|
साहित्याचे नाव
|
वजन kg
|
दर kg
|
किंमत रु
|
|
कडबा
|
१९.६
|
२.५
|
५०
|
|
सुबाभूळ
|
२२.२
|
२
|
४५
|
|
मका
|
६०.२
|
१.५
|
९०
|
|
तूर
|
१२.२
|
१०
|
१२५
|
|
खुराक
|
७.५
|
२२
|
१६५
|
वाढलेले वजन :-३kg
एका दिवसात वाढलेले वजन १००
gm
|
साहित्याचे नाव
|
वजन kg
|
दर kg
|
किंमत रु
|
|
कडबा
|
१७.२
|
२.५
|
४३
|
|
सुबाभूळ
|
३२.५
|
२
|
६५
|
|
मका
|
८७.९
|
१.५
|
१३१
|
|
तूर
|
१४.२
|
१०
|
१४२
|
|
खुराक
|
११.६
|
२२
|
२५५
|
३० दिवसात वाढलेले वजन :- ४
KG
एका दिवसात वाढलेले वजन :-१३३
gm
|
साहित्याचे नाव
|
वजन kg
|
दर kg
|
किंमत रु
|
|
कडबा
|
१५.२
|
२.५
|
३८
|
|
सुबाभूळ
|
२६.३
|
२
|
५२
|
|
मका
|
७०.५
|
१.५
|
१०५
|
|
तूर
|
१२.२
|
१०
|
१२२
|
|
खुराक
|
९.१
|
२२
|
२००
|
३० दिवसात वाढलेले वजन :- ४
kg
एका दिवसात वाढलेले वजन :-१३३
|
साहित्याचे नाव
|
वजन kg
|
दर kg
|
किंमत रु
|
|
कडबा
|
११.९
|
२.५
|
२९
|
|
सुबाभूळ
|
२५ .८
|
२
|
५१
|
|
मका
|
६३.९
|
१.५
|
९५
|
|
तूर
|
१०.
|
१०
|
१००
|
|
खुराक
|
८.३
|
२२
|
१८२
|
३० दिवसात वाढलेले वजन :- 2
kg
एका दिवसात वाढलेले वजन :-६६
gm
|
साहित्याचे नाव
|
वजन kg
|
दर kg
|
किंमत रु
|
|
कडबा
|
१०.७
|
२.५
|
२६
|
|
सुबाभूळ
|
१९.७
|
२
|
३९
|
|
मका
|
४७.३
|
१.५
|
७०
|
|
तूर
|
८.५
|
१०
|
८५
|
|
खुराक
|
६.४
|
२२
|
१४०
|
३० दिवसात वाढलेले वजन :- ४
kg
एका दिवसात वाढलेले वजन :-१३३ gm
A+B+C+D+E+F
|
साहित्याचे नाव
|
वजन kg
|
दर kg
|
किंमत रु
|
|
कडबा
|
१०८
|
२.५
|
२७०
|
|
सुबाभूळ
|
१६१
|
२
|
३२३
|
|
मका
|
३७०
|
१.५
|
५५६
|
|
तूर
|
७७
|
१०
|
७७९
|
|
खुराक
|
५५
|
२२
|
१२१६
|
मजुरी २५% ७८६
एकूण खाद्य ७७१ kg एकूण किंमत ३९३०रु
सर्व शेळ्यांच्या लेंड्या :- २०४ kg
१ kg लेंड्या ५ रु =१०२० रु
सर्व शेळ्यांची वजने :- २२ kg =५५०० रु
ऑक्टोंबर महिन्यातील शेळ्यांचा नफा = २५९० रु
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